वंशानुक्रम क्या है? What is inheritance?

वंशानुक्रम क्या है what is inheritance? मित्रों आज हम वंशानुक्रम के बारें में विस्तार से जानेंगे कि वंशानुक्रम है क्या अगर आप इसके बारे में नहीं जानते हो तो आप आज जान जाओगे पूरी जानकारी नीचे दी गई है।

वंशानुक्रम का अर्थ

बालक में उत्पन्न विशेषताओं के लिए उसके माता-पिता को ही जिम्मेदार नहीं ठहराया जाता बल्कि अन्य संबंधियों को भी जिम्मेदार ठहराया जाता है। इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि जो विशेषताएँ उसके माता-पिता से मिलती जुलती है, उसका हस्तांतरण माता-पिता से होता है। और जो माता-पिता से विषमता रखती हैं उसका हस्तांतरण सगे संबंधियों से होता है।

डगलस और होलेण्ड के अनुसार- “एक प्राणी के वंशानुक्रम में वे सभी संरचनाएं ,शारीरिक विशेषताएँ , क्रियाएँ या क्षमताएं सम्मिलित रहती हैं जिन्हें वह अपने माता पिता , अन्य पूर्वजों या प्रजाति से प्राप्त करता है।”

रूथ बैंडिक्ट के अनुसार-“प्रकृति में पीढ़ी का प्रत्येक कार्य माता-पिता द्वारा संतानों में , कुछ जैविकीय या मनोवैज्ञानिक विशेषताओं का हस्तांतरण करना है। इस प्रकार से विशेषताओं के संगठित हस्तांतरण को वंशानुक्रम के नाम से जाना जाता है।”

वंशानुक्रम क्या है? what is inheritance?

वंशानुक्रम क्या है What is inheritance
वंशानुक्रम क्या है? What is inheritance?

वंशानुक्रम के सिद्धान्त-

  • मूल जीवाणु की निरंतरता का सिद्धान्त- फ्रांसिस गाल्टन ने सन 1775 ई. में बालक को उतान ही योग्य बताया था जितना कि उसके पूर्वजों ने। इन्होने अनेक अध्ययनों से निम्नलिखित निष्कर्ष निकले- 1 वंशानुक्रम= ½ पिता + ½ माता पक्ष
  • दादा, परदादा और पूर्वजों के गुण निश्चित मात्रा में होते हैं।
  • वंश दर वंश गुण कम होते जाते हैं। जैसे ½ , ¼ , 1/8 , 1/16 आदि।

गाल्टन का समर्थन करते हुए बीजमेन ने बालक की उत्पत्ति , बीज कोश से बताई है । मानव शरीर में कायकोष और उत्पादक कोष होते हैं।  कायकोष शारीरिक विकास करते हैं, और उत्पादककोष वंश परंपरा में हस्तांतरण होते रहते हैं। इन्होने 25 पीढ़ियों तक चूहों पर प्रयोग किए , वे चूहों की पूछ काट देते थे , लेकिन फिर भी उनकी संतान कभी भी बिना पूछ के पैदा नहीं हुई। अतः ये निष्कर्ष निकाला कि अगली संतान के मूल जीवाणु ही हस्तांतरित होते रहते हैं।

अर्जित गुणों का हस्तांतरण (Inheritance Of Acquired Traits)-

लैमार्क , मेक्डूगल , पौवलव एवं हैरिसन आदि प्रभूति विद्वानों ने वंशानुक्रम का आधार अर्जित गुणो का हस्तांतरण माना है।

लेमार्क ने जिराफ की गर्दन का लंबा होना परिस्थितिवश बताया है, लेकिन अब यह वंशानुक्रमीय हो चुका है।

इसी प्रकार से मेक्डूगल ने चूहों पर प्रयोग किया। इन्होने पानी से भरे बड़े बर्तन में चूहों को छोड़ दिया , बर्तन से बाहर जाने के दो मार्ग थे- प्रकाश का मार्ग और एक अंधेरे वाला मार्ग , प्रकाश वाले मार्ग पर बिजली का झटका लगता था और अंधेरे वाला मार्ग ठीक था अतः सभी चूहे बिजली के झटके से परेशान होकर अंधेरे वाले मार्ग से निकलते थे। 23 पीढ़ियों के अध्ययन में पाया गया कि पहली पीढ़ी में चूहों ने 154 बार त्रुटियाँ कीं और 23 वीं पीढ़ी में सिर्फ 25 बार ही गलती की। अतः स्पष्ट होता है कि अर्जित गुणों का अगली पीढ़ी में हस्तांतरण होता है।

प्रत्यागमन का सिद्धान्त- (Law of Regression)

प्रत्यागमन शब्द का अर्थ ‘विपरीत’ होता है। जब माता-पिता के बच्चे उसके विपरीत विशेषताओं वाले विकसित होते हैं तो यहाँ पर प्रत्यागमन का सिद्धान्त लागू होता है। जैसे – मंद बुद्धि माता-पिता कि संतान का प्रखर बुद्धि होना।

ये आपके लिए – आज का सवाल-

वंशानुक्रम क्या है? what is inheritance? वंशानुक्रम के बारे में आपने क्या सीखा 25 शब्दों में बताएं? आपको हमारा ये पोस्ट कैसा लगा?

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