Hindi Grammar Language Dialect and Script aopadhen भाषा ,बोली और लिपि

Hindi Grammar Language Dialect and Script aopadhen भाषा ,बोली और लिपि मित्रों आज इस पोस्ट में हम भाषा,व्याकरण,बोली और लिपि को परिभाषित करने वाले हैं तो आज का ये पोस्ट बहुत ही महत्वपूर्ण है पोस्ट को अगर आप पूरा पढ़ते है तो निश्चित ही आपको बहुत लाभ होगा.

भाषा (Language)

“दूसरों के विचारों को समझाने व् अपने विचार समझाने के लिए , जिसे प्रयोग करते हैं ,उसे भाषा कहते है|”

“भाषा सार्थक ध्वनियों का वह समूह है , जिसके द्वारा हम अपने विचार दूसरों के सामने प्रकट करते हैं और उनके विचारों को जानते हैं|”

विश्व में अपने-अपने देश की भाषाएँ बोली व पढाई जाती हैं| इन भाषाओं में प्रमुख हैं- अंग्रेजी ,चीनी, हिंदी, जापानी , रूसी, जर्मन, स्पेनी, फ्रांसीसी,पुर्तगाली और अरबी| इन दस प्रमुख भाषाओ को विश्व के दो तिहाई लोग बोलते व पढ़ते हैं| ‘हिंदी’ भाषा को इनमे से तीसरा स्थान प्राप्त है|

भारतीय भाषाएँ (Indian Languages)

भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में राष्ट्रीय भाषाओँ के रूप में हिंदी,गुजराती , पंजाबी, तेलगु, मराठी, उड़िया, तमिल, बंगला, कश्मीरी , असमिया, उर्दू, कन्नड़, संस्कृत, मलयालम, सिन्धी, मणिपुरी, कोंकणी, और नेपाली इन अठारह भाषाओँ को स्वीकार किया गया है|

१४ सितम्बर १९४९ ई. को हिंदी को राजभाषा का दर्जा प्राप्त हुआ| भारतीय संबिधान के अनुच्छेद ३४३ के अनुसार हिंदी भारत की ‘राष्ट्रभाषा’ है| हिंदी सब प्रकार से समृद्ध भाषा है| दिल्ल्ली ,उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश , राजस्थान, बिहार, और हरियाणा, हिंदी भाषा के गढ़ माने जाते हैं| विश्व के तेरह प्रमुख विश्वविद्यालय में इसके अध्ययन अध्यापन की अच्छी व्यवस्था है| इस दृष्टि से हिंदी को अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की भाषा कहना सर्वथा ठीक हो गया है|

Hindi Grammar Language Dialect and Script aopadhen भाषा ,बोली और लिपि

Hindi Grammar Language Dialect and Script aopadhen भाषा ,बोली और लिपि
Hindi Grammar Language Dialect and Script aopadhen भाषा ,बोली और लिपि

भाषा के प्रकार (Types of Language)

भाषा के निम्नलिखित दो प्रकार हैं-

  • मौखिक(उच्चारित) भाषा
  • लिखित भाषा

१- मौखिक या उच्चारित भाषा – जब हम बातचीत के द्वारा अपने विचार प्रकट करते हैं , तो वह ‘मौखिक’ अथवा ‘उच्चारित’ भाषा कहलाती है| यह मौखिक या उच्चारित भाषा परिवर्तनशील है इसमें ध्वनियों का ही प्रयोग होता है|

२- लिखित भाषा- जब हम लेखनी द्वारा अपने विचार प्रकट करते हैं, तो वह ‘लिखित भाषा’ कहलाती है| यह लिखित भाषा अपरिवर्तनशील है| इसमें प्रयोग किये गए ‘ध्वनि चिन्ह’ ही ‘वर्ण समूह’ कहलाते हैं| इस लिखित भाषा के द्वारा ही हमारा साहित्य सुरक्षित है| इस कारण लिखित भाषा का महत्त्व सर्वाधिक है|

भाषा के अंग(Parts of Languages)

भाषा के निम्न लिखित पांच अंग हैं-

  1. ध्वनि(Sound)
  2. वर्ण (Letter)
  3. शब्द (Word)
  4. वाक्य (Sentence)
  5. लिपि (script)
  • ध्वनि- हमारे मुख से निकलने वाली प्रत्येक स्वतंत्र आवाज ध्वनि कहलाती है|
  • वर्ण- वह मूल ध्वनि , जिसके और तुकडे न हो सकें, वर्ण कहलाती है| जैसे- अ,आ,इ,उ,ऊ,ए,ऐ,क,च,त,प आदि|
  • शब्द- वर्णों का सार्थक समूह ‘शब्द’ कहलाता है| जैसे- अ+ज+ग+र = अजगर
  • वाक्य- शब्द समूह का वह सार्थक विन्यास , जिससे अर्थ एवं भाव की पूर्ण अभिव्यक्ति होती है, ‘वाक्य’ कहलाता है| जैसे- आशा दूरदर्शन पर महाभारत देख रही है| is वाक्य में ‘आशा’ , ‘दूरदर्शन’ , ‘पर’ , ‘महाभारत’ , ‘देख’ , ‘रही’ , ‘है’ सात अलग-अलग शब्द हैं; परन्तु इनके सार्थक विन्यास से एक ही अर्थ प्रकट हो रहा है|

लिपि(script)

“भाषा को लिखने के लिए जिन संकेतों (चिन्हों) का प्रयोग करते हैं ,उसे लिपि कहते हैं|”

“मौखिक भाषा को प्रकट करने हेतु सुनिश्चित किये गए चिन्ह ‘लिपि’ कहालते हैं|”

विश्व की सभी भाषाओँ की अपनी- अपनी लिपियाँ हैं| हिंदी और संस्कृत की लिपि ‘देवनागरी’ है| मराठी भाषा की लिपि भी इससे मिलती-जुलती है| बंगला, गुजराती और पंजाबी भाषाओँ की लिपियाँ “ब्राह्मी लिपि” से विकसित हुई| वास्तव में “ब्राह्मी लिपि” देवनागरी लिपि की जननी कहलाती है| अंग्रेजी ‘रोमन’ लिपि में लिखी जाती है| उर्दू और फ़ारसी ‘फ़ारसी’ लिपि में लिखी जाती हैं|अरबी भाषा की लिपि ‘अरबी’ है| फारसी और अरबी लिपियाँ दाएँ से बाएं और लिखी जाती हैं|

Hindi GrammarLanguageDialect and Scriptaopadhen भाषा ,बोली और लिपि
Hindi GrammarLanguageDialect and Scriptaopadhen भाषा ,बोली और लिपि

व्याकरण (Grammar)

“व्याकरण वह शास्त्र है , जिसमें भाषा का विश्लेषण और उसके शुद्ध रूप एवं प्रयोग का निरूपण होता है|”

हम पारस्परिक व्यवहार में जिस भाषा का प्रयोग करते हैं , उसमें प्रयुक्त होने वाले शब्द-क्रम व स्थान- भेद भाषा में अश्थिरता लाते हैं| इससे भाषा की एकरूपता भी प्रभावित होती है| भाषा को इनसे बचाना , उसके रूपों व प्रयोगों में समानता एवं स्थिरता लाना नितांत आवश्यक है| भाषा का यही रूप ‘मानक’ कहलाता है| इसके लिए अपनाये गए नियमों के समूह को “व्याकरण शास्त्र” की संज्ञा दी गई है| व्याकरण भाषा का विश्लेषण करके उसकी रचना को हमारे सामने रखता है| इसके माध्यम से हम भाषा को शुद्ध बोल, लिख और पढ़ सकते है| इसके द्वारा हमें जिस भाषा का बोध होता है , उसके ‘ध्वनि’, , ‘शब्द’ और ‘वाक्य’ तीन मुख्य अंग हैं|

व्याकरण के विभाग

व्याकरण के निम्नलिखित तीन विभाग होते हैं-

  1. वर्ण-विचार (Phonology)
  2. शब्द-विचार (Morphology)
  3. वाक्य-विचार (Syntax)
  • वर्ण-विचार- जहाँ पर वर्णों के आकार,उच्चारण, वर्गीकरण और उनके संयोग एवं संधि के नियमों पर विचार किया जाता है, वह ‘वर्ण-विचार’ कहलाता है|
  • शब्-विचार:- जहाँ पर शब्द भेद, उत्पत्ति और रचना आदि से सम्बंधित नियमों पर विचार किया जाता है , कह ‘शब्द-विचार’ कहलाता है|
  • वाक्य-विचार:- जहाँ पर वाक्य भेद, अंग-उपांग, पारस्परिक संश्लेषण और विराम-चिन्ह आदि के नियमों पर विचार कुया जाता है, ‘वाक्य-विचार’ कहलाता है|

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बोली (Dialect)

“देश के विभिन्न छोटे-छोटे क्षेत्रों में बोली जाने वाली भाषा ‘बोली’ कहलाती है| किसी भी क्षेत्रीय बोली के लिखित रूप में रचे गए साहित्य को वहां की ‘भाषा’ की संज्ञा दी जा सकती है|”

“किसी भाषा का क्षेत्रीय रूप ही बोली कहलाता है| बोली भाषा का ही एक रूप है|”

Hindi Grammar Language Dialect and Script aopadhen भाषा ,बोली और लिपि
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हिंदी की उपभाषाएँ

हमारी मातृभाषा ‘हिंदी’ आज अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की भाषा बन चुकी है| क्षेत्रीय दृष्टि से इसकी निम्नलिखित पांच उपभाषाएं मानी गई हैं:-

१-पश्चिमी हिंदी

इसके अंतर्गत ब्रजभाषा ,खड़ीबोली,हरियाणवी(बांगारू) ,बुन्देली और कन्नौजी बोलियाँ आती हैं| संत कवी सूरदास ब्रजभाषा के मुख्य कवि माने जाते हैं| खड़ीबोली का व्यापक क्षेत्र दिल्ली,मेरठ , बिजनौर, और सहारनपुर के समीपवर्ती क्षेत्र रहें हैं| “अमीर खुसरो” इसके प्रथम कवि कहलाते है| आधुनिक हिंदी खड़ीबोली का ही विकसित रूप है|

२- पूर्वी हिंदी

इसके अंतर्गत अवधी ,बघेली,और छत्तीसगड़ी तीन बोलियाँ आती हैं| महाकवि ‘तुलसीदास’ ने ‘रामचरितमानस’ की रचना ‘अवधी” भाषा में की है| ‘मालिक मुहम्मद जायसी’ की प्रसिद्ध कृति ‘पद्मावत’ भी ‘अवधी’ भाषा में रची गई है|

३- राजस्थानी

इसके अंतर्गत मेवाती,मेवाड़ी, मारवाड़ी और अड़ोती चार राजस्थानी बोलियाँ आती हैं|

४- बिहारी

इसके अतर्गत भोजपुरी,अंगिका, मगही, और मैथिली बोलियाँ आती हैं| “मैथिल कोकिल विद्यापति” की ‘पदावली’ मैथिली भाषा की अद्वितीय कृति है|

५-पहाड़ी

इसके अंतर्गत कुमाऊंनी और मंडियाली बोलियाँ आती हैं|

हिंदी भाषा का महत्त्व और विशेषताएं

विश्व की दस प्रमुख भाषाओँ में ‘हिंदी’ को तीसरा स्थान प्राप्त है | यह सरल ,सहज और सुबोध होने के कारण is स्थान पर पहुंची है| इसका अपना मानक रूप है| रेडिओ, समाचार-पत्र और दूरदर्शन आदि में इसके मानक रूप का ही प्रयोग होता है| इसका व्याकरण भी बहुत सरल है| इसी कारण यह एक लोकप्रिय भाषा का रूप ले चुकी है|

आपके लिए

दिय गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए

१- जायसी के पद्मावत की रचना किस भाषा में हुई है?

(क) भोजपुरी (ख) ब्रजभाषा (ग) खड़ीबोली (घ) अवधी

२- भारत की राजभाषा कौनसी है?

(क) संस्कृत (ख)हिंदी (ग) उर्दू (घ) अंग्रेजी

३-‘रामचरितमानस’ की रचना किस भाषा में हुई है?

(क) अवधी (ख)बघेली (ग) छत्तीसगड़ी (घ) निमाड़ी

४-‘सूरसागर’ की रचना किस भाषा में हुई है?

(क) खड़ीबोली (ख)भोजपुरी (ग) अवधी (घ) ब्रजभाषा

५- ब्रजभाषा के प्रमुख कवि कौन थे?

(क) कबीर दास (ख)तुलसीदास (ग) सूरदास (घ) भारतेंदु हरिश्चंद्र

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